अण्डों के परिवहन व परिरक्षण के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न

अजय गुप्ता बहराइच लखनऊ सुपरफास्ट न्यूज।

जनसामान्य को गुणवत्ता युक्त अण्डे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा जनस्वास्थ्य एवं कुक्कुट विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गत दिवस को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें जिले पोल्ट्रीफार्मर्स, अण्डा ट्रेडर्स, पुलिस, परिवहन, पशुपालन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व अन्य स्टेकहोल्डर्स द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में केन्द्री पक्षी अनुसंधान संस्थान, बरेली, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पशुपालन विभाग की ओर प्राप्त सुझावों के दृष्टिगत अण्डा परिवहन व अण्डों का परिरक्षण हेतु खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 ब्यूरो ऑफ इण्डियन स्टैण्डर्ड तथा उ.प्र. कोल्डस्टोरेज विनियमन अधिनियम 1976 के नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं जाने पर विचार विमर्श किया।
बैठक का संचालन करते हुए प्रभारी सीवीओ डॉ. ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने मौजूद पोल्ट्रीफार्मर्स व अण्डा ट्रेडर्स को बताया कि अण्डों के परिवहन हेतु निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में बाहर के राज्यों से आने वाले एवं प्रदेश से अन्य राज्यों को जाने वाले तथा प्रदेश के अन्दर 150 कि.मी. से अधिक दूरी के लिए अण्डों का परिवहन रफीजेरेटेड वाहन (शीतितयान) से ही किया जाएगा। ब्यूरो ऑफ इण्डियन स्टैण्डर्ड के मानक के अनुसार वाहन का तापमान 10 से 15.5 डिग्रेी सेंटीग्रेड के मध्य होना चाहिए। वाहन में जीपीएस. और डाटा लॉगर डिवाइस से आच्छादित होना अनिवार्य होगा। अण्डा परिवहन के लिए दी गई व्यवस्था के तहत प्रत्येक गाड़ी के साथ अण्डाट्रेडर/किसान द्वारा निर्गत इनवायस/कैश मेमो, पक्का बिल लाना अनिवार्य होगा साथ ही क्रेता/ट्रेडर्स का गंतव्य स्थान, दूरी एवं पूरा पता मोबाइल नम्बर सहित कन्टेनर नम्बर के साथ बिल पर अंकन किया जाएगा।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि अण्डों के परिरक्षण के सम्बन्ध में व्यवस्था दी गई है कि कोल्डस्टोरेज/कोल्डरूम में परिरक्षित किये जाने वाले अण्डो पर अमिट स्याही से उत्पादन तिथि एवं उत्पादन स्थान अंकित किया जायेगा तथा परिरक्षित किये जाने वाले अण्डों को रखते समय ब्यूरो ऑफ इण्डियन स्टैण्डर्डस (बी.आई.एस.) के मानकों यथा-ग्रेडिंग, कैंडलिंग आदि का पालन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। अण्डों पर कोल्ड स्टोरेज में रखने से पूर्व किसी उपयुक्त मिनरल आयल या प्राथमिकता के आधार पर लिक्विड पैराफीन का स्प्रे अण्डों पर किया जायेगा। विक्रय हेतु अण्डे निकालने के उपरान्त विक्रेता अण्डों पर शीत गृह में परिरक्षित शब्द एवं निकासी की तिथि तथा उपभोग की अवधि अधिकतम 03 दिन अंकित करेगा या इस आशय का स्टीकर प्रत्येक अण्डे पर चस्पा करेगा। प्रदेश के बाहर से आने वाले कोल्डस्टारेज में परिरक्षित अण्डों पर भी उपरोक्त प्रतिबन्ध लागू होंगे।
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने पोल्ट्रीफार्मर्स व अण्डा ट्रेडर्स को निर्देश दिया कि जनसामान्य को गुणवत्ता युक्त अण्डे की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से अण्डों के परिवहन व परिरक्षण हेतु शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन का पालन करें। डीएम ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे कोल्डस्टोरेज/कोल्डरूम जहां पर अण्डों को संरक्षित किया जााता है उनका डाटा बेस तैयार किया जाय तथा शासन द्वारा दी गई व्यवस्था को लागू करने हेतु सभी सम्बन्घित विभागों को शामिल करते हुए टास्क फोर्स का गठन कराया जाय।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, उप जिलाधिकारी नानपारा अजित परेश, कैसरगंज के महेश कैथल, महसी के राकेश कुमार मौर्या, पयागपुर के दिनेश कुमार, मोतीपुर के संजय कुमार, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. अर्चना सिंह, ईओ बहराइच बाल मुकुन्द मिश्रा व नानपारा के रेनू यादव, डिप्टी सीवीओ डॉ. महेन्द्र कुमार सचान, खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी तथा पोल्ट्रीफार्मर्स व अण्डा ट्रेडर्स मौजूद रहे।

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