एक महिला को जोड़कर अन्य महिलाओं पर से विश्वास उठाना गलत नजरिया…

यह मेरा व्यक्तिगत विचार हैं

कृष्ण कुमार तिवारी ब्यूरो चीफ अंबेडकरनगर

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर आलोक मौर्य और ज्योति मौर्य मनीष दुबे के बारे में खूब चर्चा हो रही है समाज के लोग अपना ताना-बाना बुन रहे है। इसी समाज का मैं भी एक हिस्सा हूं। मैं अपना विचार लिख रहा हूं। इस पर कमेंट कर सकते हैं। मैं कहना यह चाहता हूं कि पति पत्नी का रिश्ता एक अटूट रिश्ता है यह विश्वास करता है की जहां विश्वास में दरार पड़ जाता है वह रिश्ता कमजोर हो जाता है। आलोक मौर्य का जो इल्जाम है की हमारी पत्नी को हमने पढा लिखा कर एसडीएम बनाएं और हमारी पत्नी बेवफा निकली 2020 से गैर मर्द मनीष दुबे के साथ उनका अफेयर चलता है। अफेयर 2020 से चल रहा है 2023 में आप उजागर कर रहे हैं आपको 2020 में ही इस बात को आपस में बैठकर समझ लेना चाहिए था और तलाक भी ले लेना चाहिए लेकिन आप 2 वर्ष इस चीज को सहते रहे दूसरा बात जब आप मनीष दुबे और ज्योति मौर्या को रंगे हाथों कमरे में पकड़ लिए तो आपने पुलिस को क्यों नहीं बुलाया। क्यों डर गए अगर दोनों लोग एक साथ होंते तो अंदर से दरवाजा बंद होगा आप बाहर से बंद कर दिए होते और पुलिस को बुलाते इस सबूत को आप क्यों छोड़ दिए अब आप चिल्ला चिल्ला कर रो-रो कर जो ज्योति मौर्या के बारे में कह रहे हैं इससे समाज की महिलाओं के ऊपर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। यह एक विचारणीय प्रश्न है
दूसरी बात ज्योति मौर्य जो दहेज उत्पीड़न मानसिक प्रताड़ना का ब्लेम लगा रही है यह भी बहुत गलत है 13 साल में उनको मानसिक प्रताड़ना नहीं किया गया। उनसे दहेज नहीं मांगा गया अगर मांगा गया तो ज्योति मौर्या पहले मुकदमा क्यों नहीं कराई जबकि पढ़ी-लिखी महिला थी इसलिए मेरे हिसाब से यह दोनों लोगों का परिवारिक मैटर था इसको आपस घर में समझना चाहिए था यह मीडिया में आकर सभी महिलाओं को एक जैसे ना देखा जाए आज भी 80% महिलाएं अपने परिवार के अपने घर में चाहे जो भी परिस्थिति हो वह सहकर रहती है और परिवार को खुश देखना चाहती है लेकिन अभी भी कुछ कुंठित मानसिकता के लोग हैं जो तरह-तरह के महिलाओं के प्रति कमेंट कर रहे जिस दिन महिलाएं जाग जाएंगे मजबूत हो जाए इस समाज का सारा पोल खुल जाएगा आज ज्योति मौर्य गलती की है तो सारे महिलाओं को उसी नजरिया से देखा जा रहा है जबकि तमाम आईएएस पीसीएस और अन्य विभाग में तमाम बड़े बड़े अधिकारियों का उदाहरण है जो काबिल हो गए तो अपने पत्नी को छोड़कर दूसरी औरत के साथ रहते हैं इस पर सोशल मीडिया सोया रहता है सोशल मीडिया को मनीष दुबे के पास भी जाना चाहिए क्यों नहीं जा रहा है उनके बारे में क्यों नहीं दिख रहा है इसलिए सच्चाई क्या है कोई नहीं जानता है परिवारिक मामला है आपस में बैठकर परिवार को जोड़ लेना चाहिए सभी महिलाओं को और सभी पुरुष को एक जैसे नहीं देखना चाहिए या मेरा व्यक्तिगत विचार है आप लोग जैसा सोचे।

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