काकोरी कांड एवं विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन

जिला ब्यूरो चीफ विक्रम सिंह

तिकुनिया खीरी 

खैरटिया में ज़मीन मकान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा 09 अगस्त काकोरी कांड एवं विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 10 अगस्त को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में काकोरी कांड के इतिहास और उन वीर क्रांतिकारियों के सपनों को याद किया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि जिन सपनों को हमारे महान क्रांतिकारियों ने देखा, सोंचा उन सपनों को साकार करने के लिए वर्तमान में अत्यंत त्याग और संघर्ष की जरूरत है।

खैरटिया में सभा को संबोधित करते हुए एस०बी० आज़ाद ने काकोरी कांड के बारे में लोगों को बताया कि हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के केवल दस सदस्यों ने इस घटना को अंजाम दिया था। शाहजहांपुर में राम प्रसाद बिस्मिल ने एक बैठक में क्रांतिकारियों द्वारा चलाए जा रहे स्वतंत्रता आंदोलन को रफ्तार देने के लिए धन की तत्काल व्यवस्था की आवश्यकता के बारे में ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटने की योजना बनाई थी। राम प्रसाद बिस्मिल के घर 8 अगस्त को हुई आपात बैठक में सरकारी खजाने को लूटने की योजना बनाई गई। जिसमे अगले ही दिन 9 अगस्त 1925 को हरदोई शहर के रेलवे स्टेशन से सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन में बिस्मिल के नेतृत्व में कुल 10 लोग सवार हुए। इन दस क्रांत‍िकार‍ियों में शाहजहांपुर से बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, मुरारी शर्मा और बनवारी लाल, राजेंद्र लाहिडी, शचींद्रनाथ बख्शी और केशव चक्रवर्ती, औरैया से चंद्रशेखर आजाद और मनमथनाथ गुप्ता और मुकुंदी लाल शामिल थे। आज से ठीक 98 वर्ष पूर्व 9 अगस्त 1925 को लखनऊ जिले के काकोरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से सरकारी खजाने को लूटने की घटना को अंजाम द‍िया गया था। ज‍िसे काकोरी कांड का नाम से जाना जाता है। सभा की अध्यक्षता पूर्व प्रधान सूधनाथ तथा संचालन डा. संत कुमार ने की। साथ ही साथ सभा मे दीनानाथ, नूरहोदा, पूरन राजभर, मुनिया देवी, चंद्रावती देवी, आराधना, रंजना, चींता देवी, तीजा देवी, रामदेव गोंड, अलीशेर, पतिराज, रामदेव मौर्य, रामाज्ञा भगत आदि लोगों ने अपने अपने विचारों को साझा करते हुए क्रांतिकारियों के संघर्षों को याद किया। एवं ज़मीन मकान बचाओ संघर्ष समिति के सभी सदस्यगण भी मौजूद रहे।

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