खीरी पहुंची उप्र विधान परिषद् की दैवीय आपदा प्रबन्धन जाँच समिति, ली बैठक, दिए निर्देश

समिति में खीरी में सिंचाई एवं जल संसाधन द्वारा किए कार्यों की सराहना की

सर्वेश शुक्ला ब्यूरो, प्रभारी लखनऊ मंडल
लखीमपुर खीरी 20 जुलाई। उप्र विधान परिषद् की दैवीय आपदा प्रबन्धन जाँच समिति अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार समिति के सभापति उमेश द्विवेदी के सभापतित्व में जनपद खीरी पहुॅची, जहां उनके जनपद आगमन पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा ने पुष्पगुच्छ देकर सभापति व उनकी टीम का स्वागत किया।

गुरुवार को कलेक्ट्रेट में सभापति उमेश द्विवेदी ने सर्वप्रथम गारद की सलामी ली। उसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में समिति के सभापति ने समिति के सदस्य सुरेंद्र चौधरी, सत्यपाल सिंह, ई. अवनीश सिंह एवं स्थानीय विधायक योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, अमन गिरी की मौजूदगी में जनपद खीरी व सीतापुर के अफसरों की बैठक ली। समिति ने प्रथम चरण में जनपद सीतापुर एवं द्वितीय चरण में जनपद लखीमपुर खीरी की समीक्षा बैठक की।

बैठक की शुरुआत में अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड) राजीव कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए कटावरोधी कार्य एवं जनपद में किए गए नवाचारों पर अपनी प्रस्तुति दी। समिति में जनपद खीरी में सिंचाई एवं जल संसाधन द्वारा किए कार्यों की सराहना की। जनपद में प्रवाहित शारदा एवं घाघरा नदी के प्रवाह की स्थिति, रिजर्व स्टाफ एवं शारदा गिरजा बैराज के अफ्लेक्स बंधो की जानकारी दी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभापति उमेश द्विवेदी ने कहा कि सर्पदंश से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करें। सर्पदंश से मृत्यु पर अनिवार्य रूप से पोस्टमार्टम कराने के लिए जागरूक करते हुए अनुमन्य सरकारी धनराशि उपलब्ध कराएं। सीएमओ को निर्देश दिए कि सीएससी, पीएचसी पर सर्पदंश निरोधक औषधि के अलावा अन्य दवाओं की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराए। इसका डिस्प्ले भी कराएं। ग्राम चौपालों का व्यापक प्रचार प्रसार कराकर उसकी सार्थकता को जमीन पर साकार करें। ग्रामीणों की समस्याओं का गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराएं। अभियान चलाकर चकरोड एवं सरकारी भूमियों को कब्ज़ामुक्त कराएं। बाढ़-कटान प्रभावित क्षेत्रों में राहत चौपालों को और अधिक प्रभावी तरीके से आयोजित कराएं, इस दौरान हेल्थ कैंप भी लगवाया जाए।

सभापति के पूछने पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में सरायन नदी को पुनर्जीवित करने का प्रयास प्रारंभ कर दिया गया है। सीएमओ ने अल्ट्रासाउंड मशीन की संख्या एवं क्रियाशीलता बताइ। जिले के तीन सरकारी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। वहीचार निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में एमओयू करके आम जनमानस को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही।

सभापति ने अफसरों से बाढ़, कटान से बचाने के लिए बनाई परियोजना एवं उसके परिणाम एवं लाभ जाने। बाढ़ कटान से निपटने के लिए विभागवार रणनीति एवं उपाय जानें। उन्होंने बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना, उसकी क्रियाशीलता, राहत चौपाल, बाढ़ के दौरान दी जाने वाली राहत सामग्री, बाढ़रोधी परियोजनाएं सहित विस्थापित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से किए जाने वाले प्रयास जानें। सर्पदंश एवं अग्निकांड से होने वाली जनहानि पर दी जाने वाली सहायता की विस्तृत जानकारी ली।

सीतापुर जिले की समीक्षा के उपरांत डीएम अनुज सिंह एवं लखीमपुर जिले की समीक्षा के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने समिति के सभापति एवं अन्य सदस्यों के प्रति आभार ज्ञापित किया। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि समिति द्वारा जो भी सुझाव एवं निर्देश दिए हैं, उनका पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

बैठक मे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय कुमार सिंह, सीतापुर के डीएम अनुज सिंह व एसपी घुले सुशील चन्द्रभान, एडीएम राम भारत तिवारी, समिति अधिकारी तेज प्रताप सिंह समीक्षा अधिकारी मयंक यादव, प्रतिवेदक अभय सिंह, सहित दोनो जिलों के राजस्व, स्वास्थ्य, गृह, चिकित्सा, कृषि, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, कृषि, नगर विकास, ग्राम्य विकास, आयुष, पंचायती राज, लोक निर्माण, सिंचाई व ऊर्जा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न प्रकरणों/बिन्दुओं पर जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों से विचार विमर्श कर अद्यतन जानकारी प्राप्त की।

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