जयगुरुदेव के सत्संग में उमड़ा जनसैलाब, सुना पंकज महाराज जी का प्रवचन

लखनऊ सुपरफास्ट ब्यूरो अमीरनगर खीरी।
बाबा जयगुरूदेव जी के उत्तराधिकारी एवं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य पंकज जी महाराज शहर व कस्बों से दूर उन सभी जन सामान्य लोगों को प्रभु की भक्ति करने की सरल युक्ति बताते हुये 108 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध, आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा लेकर सत्संग सुनाते हुये चल रहे हैं। जो स्वतः से पैसा खर्च करके महात्मा की खोज करने व उनसे साधना का मार्ग पा सकने में असमर्थ हैं। सोमवार सुबह उक्त जन जागरण यात्रा अपने 69वें पड़ाव पर क्षेत्र के गांव भोगियापुर पहुंची तो लगभग हजारों की संख्या में स्थानीय भाई-बहनों, बच्चे व बच्चियों ने मोटर सायकिलों, द्वीप प्रज्वलित कलशों, फूल मालाओं, रंगोली व ढोल-नगाड़े के साथ पूरे यात्रियों का स्वागत किया।अपने सत्संग में प्रवचन करते हुये पंकज जी महाराज ने कहा ‘‘नर समान नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर याचत जेही।।’’ मानव तन के समान कोई शरीर नहीं क्योंकि इसमें से दोनों आंखों के मध्य भाग से स्वर्ग, बैकुण्ठऔर अन्य लोकों में जाने का रास्ता है। इसलिये भाई-बहनों! ‘मिली नर देह यह तुमको, बनाओ काज कुछ अपना।’
उन्होंने कहा इस जड़ संसार में मन की ख्वाहिशों, इच्छाओं को पूरा करने के लिये दिन-रात भाग-दौड़ करते हैं जो कभी पूरा होने वाला नहीं। गुरु पर भरोसा और विश्वास करें। निःस्वार्थ भाव से सतगुरु से प्रेम करें। उनके आदेशो में रहना सीखें। जिस प्रकार प्यारे बेटे को बाप से मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। उसी प्रकार गुरु के प्यारों को, आवश्यकता की सब चीजें मिलती रहती हैं। वे आपके कर्मोें को छोटे रूप में चुका देते हैं। अध्यात्म में बिना भरोसे और विश्वास के एक कदम भी चलना मुश्किल होता है। सब जगह मेहनत, ईमानदारी की जरूरत है। मेहनत, ईमानदारी से कामों को करते हुये भाग्य पर विश्वास रखें कि जो भाग्य में होगा, वह अवष्य मिलेगा। जिनको सतगुरु नामदान का टिकट दे देते हैं वे एक न एक दिन अपने निजघर सतलोक जरूर पहुँच जायेंगे। बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने करोड़ों लोगों को नामदान की बख्शीष की और अब उनके उत्तराधिकारी पंकज जी महाराज सूरत-शब्द का भेद बता रहे हैं। अब नये जीवों का कल्याण ‘जयगुरुदेव’ नाम के सुमिरन से होगा।
महाराज जी ने कहा संत फकीर रूहानियत का संदेश देने के लिये आते हैं। वे समदर्शी होते हैं। शरियतें अलग-अलग जरूर नजर आती हैं लेकिन सबमें रूहानियत एक है। हमे जो कुछ प्राप्त होगा रूहानियत से प्राप्त होगा। समय बीतने के साथ-साथ जब हम रूहानियत से दूर हो जाते हैं, रगडे-झगड़े पैदा हो जाते हैं। इस समय नवयुवकों में अच्छे संस्कार औेर चरित्र निर्माण की जरूरत है। संस्कार महात्माओं के सत्संग से पड़ता है। पूज्य पंकज जी महाराज ने सभी मानव जाति के लोगों से अण्डा, मांस, शराब आदि चीजों को छोड़कर शाकाहार अपनाने की अपील किया और लोगों से शाकाहार, मद्यनिषेध के प्रचार-प्रसार के लिये अपना योगदान देने के लिये आह्वान किया।
बाबा पंकज जी महाराज ने आगामी 20 से 24 दिसम्बर तक जयगुरुदेव मन्दिर आगरा-दिल्ली बाईपास मथुरा में आयोजित होने वाले पूज्यपाद स्वामी घूरेलाल जी महाराज ‘‘दादा गुरु जी’’ के पावन वार्षिक भण्डारा मेला में भाग लेने का निमन्त्रण दिया और बताया यहाँ जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर बना है, जहाँ बुराईयां चढ़ाई जाती हैं। कार्यक्रम में शांति व सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।

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