जापान समुद्र में छोड़ेगा 132 करोड़ लीटर रेडियोएक्टिव पानी

UN एजेंसी से मिला अप्रूवल; चीन, साउथ कोरिया समेत कई देश कर रहे विरोध

जापान, बहुत जल्द अपने खराब हो चुके न्यूक्लियर प्लांट में मौजूद ट्रीटेड रेडियोएक्टिव वॉटर को पैसिफिक ओशन में छोड़ने जा रहा है। इसके लिए उसे UN के न्यूक्लियर वॉचडॉग से अप्रूवल भी मिल गया है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के चीफ राफेल ग्रौसी मंगलवार को जापान पहुंचे थे।

यहां उन्होंने प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा से मिलकर सेफ्टी रिव्यू किया। IAEA ने कहा कि रेडियोएक्टिव वॉटर को छोड़ने का जापान का प्लान सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के अनुसार सही है। हालांकि, जापान में कोस्टल एरिया में रह रहे लोग और चीन समेत कई देश इसका विरोध कर रहे हैं।

पानी छोड़ने के लिए 1 हफ्ते में मिल सकता है परमिट

अल जजीरा के मुताबिक, न्यूक्लियर प्लांट से पानी छोड़े जाने के प्लान की घोषणा 2021 में की गई थी। तब कहा गया था कि ये काम अगले 2 सालों में शुरू हो जाएगा। जापान की रेगुलेटरी बॉडी ने 30 जून को ही अपना इंस्पेक्शन पूरा कर लिया था। UN की जांच के बाद प्लांट की देखभाल कर रही कंपनी TEPCO को एक हफ्ते के अंदर पानी छोड़ने का परमिट मिल सकता है।

इसके बाद वो कभी भी पानी रिलीज करना शुरू कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कोई तारीख की घोषणा नहीं हुई है। पानी को ओशन में डिस्चार्ज करने में कई दशकों का समय लगेगा। इसे 1 किलोमीटर के पाइप के जरिए छोड़ा जाएगा।

पानी में अब भी मौजूद है रेडियोएक्टिव मैटीरियल ट्रीटियम

जापान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक पानी को महासागर में छोड़ने से पहले साफ कर दिया गया है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें अभी भी ट्रीटियम के कण हैं। ट्राइटियम एक रेडियोएक्टिव मैटीरियल है, जिसे पानी से अलग करना काफी मुश्किल होता है। ऐसे तो इससे कॉन्टैक्ट में आने पर ज्यादा नुकसान नहीं होता है, लेकिन अगर ये किसी के शरीर में काफी बड़ी मात्रा में चला जाए तो इससे कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

जापान में न्यूक्लियर प्लांट का पानी और वेस्ट मैटिरियल काफी सालों से परेशानी बना हुआ है। पानी को पैसिफिक महासागर में छोड़े जाने का साउथ कोरिया, चीन और ऑस्ट्रेलिया विरोध जता चुके हैं। वहीं जापान लगातार इस बात का आश्वासन देता रहा है कि वो इंटरनेशनल मानकों के आधार पर ट्रीटियम की मात्रा को कम करने के बाद ही पानी को डिस्चार्ज करेगा।

1 हजार टैंक में स्टोर है न्यूक्लियर प्लांट का पानी

इस न्यूक्लियर प्लांट को मेनटेन करने वाली कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर (TEPCO) ने बताया कि प्लांट में मौजूद पानी के ट्रीटमेंट के बाद उसे एक हजार टैंकों में स्टोर किया गया है। इस पानी की क्वांटिटी का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि ये 500 ओलंपिक साइज्ड स्विमिंग पूल को भरने के लिए काफी है। इस पानी को वहां से हटाए जाना इसलिए भी जरूरी है ताकि न्यूक्लियर प्लांट को नष्ट किया जा सके।

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