जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तहसीलों में लग रहे हैं महिला अपराध को रोकने के लिए विधिक जागरूकता शिविर

कौशिक टंडन जिला संवाददाता बरेली
बरेली, 18 जुलाई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान में तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में माननीय जिला जज विनोद कुमार के दिशा निर्देशन में दिनांक 31 जुलाई, 2023 तक महिलाओं के हित संरक्षण कानून संबंधी साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
पैरा लीगल वालंटियर शुभम राय ने बताया कि नवाबगंज तहसील के सभागार में महिलाओं के संरक्षण कानून संबंधी साक्षरता एवं जागरूकता शिविर कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिला जज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निर्दोष कुमार ने मां सरस्वती का दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में तहसीलदार नवाबगंज विशाल कुमार शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से वरिष्ठ अधिवक्ता रिसोर्स पर्सन श्रीमती हरिंदर जीत कौर चड्डा, पारिवारिक न्यायालय से काउंसलर श्रीमती रुचि सक्सेना, महिला कल्याण विभाग से श्रीमती सुमन गंगवार, तहसीलदार नवाबगंज, बार एसोसिएशन नवाबगंज के अध्यक्ष माजिद हुसैन जैदी, अधिवक्ता सुधाकर लाल तथा थाना नवाबगंज से उप निरीक्षक विपिन तोमर उपस्थित रहे।
अपर जिला सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निर्दोष कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी के भारत में तकनीकी प्रगति और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा दोनों ही साथ-साथ चल रहे है। महिलाओं के विरुद्ध होती यह हिंसा अलग-अलग तरह की होती है तथा महिलाएं इस हिंसा का शिकार किसी भी जगह जैसे घर, सार्वजनिक स्थान या दफ्तर में हो सकती हैं। महिलाओं के प्रति होती यह हिंसा अब एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है और इसे अब और ज्यादा अनदेखा नहीं किया जा सकता क्योंकि महिलाएं हमारे देश की आधी जनसँख्या का प्रतिनिधित्व करती हैं। भारतीय समाज के पुरुष-प्रधान होने की वजह से महिलाओं को बहुत अत्याचारों का सामना करना पड़ा है। आमतौर पर महिलाओं को जिन समस्याओं से लड़ना पड़ता है उनमे प्रमुख है दहेज़-हत्या, यौन उत्पीड़न, महिलाओं से लूटपाट, नाबालिग लड़कियों से राह चलते छेड़-छाड़ इत्यादि।
भारतीय दंड संहिता के अनुसार बलात्कार, अपहरण अथवा बहला फुसला के भगा ले जाना, शारीरिक या मानसिक शोषण, दहेज़ के लिए मार डालना, पत्नी से मारपीट, यौन उत्पीड़न आदि को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। महिला हिंसा से जुड़े केसों में लगातार वृद्धि हो रही है और अब तो ये बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
रिसोर्स पर्सन अधिवक्ता श्रीमती हरिंद्र जीत कौर चड्डा और रुचि सक्सेना ने अपने वक्तव्य में बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 के प्रावधान के माध्यम से सरकार के अधिकारियों, न्यायपालिका और सेवा प्रदाताओं के व्यापक नेटवर्क के बीच समन्वय की कल्पना की जाती है। राज्य सरकार पीड़ितों से हिंसा की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बीडीओ/सीओ/जिला कार्यक्रम अधिकारियों/गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को संरक्षण अधिकारी के रूप में नियुक्त करता है जो मजिस्ट्रेट को इसकी रिपोर्ट करता है, अदालती कार्यवाही में मजिस्ट्रेट की सहायता करता है, कानूनी सहायता, परामर्श और आश्रय गृह प्रदान करता है। संरक्षण अधिकारी इस उद्देश्य के लिए पीड़ित को विभिन्न सेवा प्रदाताओं के माध्यम से कानूनी सहायता, परामर्श प्रदान करता है और आश्रय गृहों का प्रबंधन करता है। संरक्षण अधिकारी सी.आर.पी.सी. के तहत चिकित्सा सहायता, मौद्रिक राहत आदेश सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार है। सरकार को इस नाजुक मुद्दे पर अधिकारी और न्यायपालिका को संवेदनशील और विभिन्न सेवा प्रदाताओं के बीच समन्वय बनाना होगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को इस अधिनियम का प्रचार करना होगा।कार्यक्रम में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से जानकारी देने के लिए डॉक्टर साइमा खान उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से जुड़े वैक्सीनेशन और बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। डीपीओ कार्यालय से श्रीमती सुमन गंगवार ने सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला सुरक्षा योजना, बाल सुरक्षा योजना और विधवा पेंशन योजना की विस्तृत जानकारी महिलाओं को उपलब्ध कराने के साथ महिला सशक्तिकरण की जानकारी उपलब्ध कराई।
महिला सुरक्षा के संबंध में पुलिस व्यवस्था का अहम रोल है महिलाओं को पुलिस के बीच तालमेल बैठाने और वार्ता को आपसी सामंजस्य स्थापित करने के लिए नवाबगंज थाने से उप निरीक्षक विपिन तोमर ने सभी महिलाओं को डायल 112, 1090 की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई और समय-समय पर पुलिस द्वारा लगाए जा रहे जागरूकता शिविर में ग्रामीण स्तर पर सभी को उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पैरा लीगल वालंटियर शुभम राय, सत्यपाल सिंह, श्रीमती मिथिलेश गंगवार और अमित कुमार उपस्थित रहे। जिन्होंने सभी महिलाओं को पंपलेट बांटकर महिलाओं के हित में चलाई जा रही सरकार की योजनाओं का प्रचार किया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में महिलाओं के हितों के लिए निशुल्क विधिक योजनाओं की विस्तृत जानकारी महिलाओं को उपलब्ध कराई।

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