डीएम ने ग्राम सचिवों की लगाई पाठशाला, दिया मंत्र

पीएम आवास योजना (ग्रामीण) : जिपं सभागार में हुई जागरूकता उन्मुखीकरण कार्यशाला

गांव के सजग प्रहरी हैं ग्राम सचिव : डीएम

सर्वेश शुक्ला ब्यूरो, प्रभारी लखनऊ मंडल
लखीमपुर खीरी 18 जुलाई। मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत दो पालियों में जिले के सभी ब्लॉकों की जागरूकता उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि गांव के सजग प्रहरी हैं ग्राम सचिव। गांव के सर्वांगीण विकास के साथ पात्र, वंचित, शोषित व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने, उनका जीवन संवारने में आप सबकी अहम एवं महती भूमिका है, जिसका कुशलता पूर्वक निर्वहन करें।
प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन पूरी शुचिता, ईमानदारी से कराएं। किसी भी लाभार्थी का उत्पीड़न ना हो इसे सुनिश्चित कराएं। घर-घर दस्तक देकर आमजन से संवाद बनाए। उन्होंने सचेत किया कि लापरवाह, गैर जिम्मेदार ग्राम सचिव अपनी कार्यशैली में सुधार लाए अन्यथा प्रशासन उनपर प्रभावी कार्यवाही अमल में लाएगा। जिसके वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।

डीएम ने ग्राम सचिवों की सभी शंकाओ, समस्याओं का समाधान किया। ग्राम सचिव विद्युत महकमे के अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई के संपर्क में रहें। गांव के ट्रांसफार्मर खराब होने पर समन्वय स्थापित कर समयबद्धता से उसका परिवर्तन सुनिश्चित करें। ग्राम सभाओं की नियमित बैठक कराकर उसकी कार्यवाही रजिस्टर मेंटेन करें। अनटाइड फंड का इस्तेमाल करते हुए मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए गांव में छिड़काव कराएं। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्धता से गुणवत्तापरक निस्तारण कराए।

सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने ग्राम सचिव जनपद का मान सम्मान बढ़ाने को पूरे मनोयोग से काम करें। शिथिल एवं लापरवाह सचिवों पर प्रशासन शिकंजा कसेगा। इसलिए अपनी कार्यशैली को बेहतर बनाते हुए परिणाममूलक बनाएं। विभिन्न योजनाओं में ग्राम सचिवों द्वारा किए सत्यापन को प्रशासन जिला स्तरीय टीम के जरिए क्रॉस चेक कराएगा। यदि सत्यापन में कमी मिली तो संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। ग्राम सचिवालयों को प्रॉपर एक्टिवेट करें। पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करें। हरे चारे का प्रबंधन करे। बीमार गोवंश का पशु चिकित्सक से नियमित उपचार कराएं।

कार्यशाला में परियोजना निदेशक एसएन चौरसिया ने कार्यशाला की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता बताइ। प्रथम पाली में बांकेगंज, बेहजम, बिजुआ, धौराहरा, ईसानगर, रमियाबेहड़, लखीमपुर एवं द्वितीय पाली में मितौली, मोहम्मदी, पसगवा, निघासन, पलिया, कुंभी, फूलबेहड़, नकहा के बीडीओ एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शामिल हुए।

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