बरेली के जिम्मेदार नेता कोशिश कर लेते तो ब्रेन-ड्रेन न होता

कौशिक टंडन जिला संवाददाता बरेली

बरेली, अपने ही दल भाजपा के एक बड़े नेता की ओर अप्रत्यक्ष रुप से इशारा करते हुए भाजपा के ही राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने कहा कि लखनऊ से दिल्ली का रास्ता बरेली से होकर गुजरता है। अगर बरेली के जनप्रतिनिधि सुस्त नहीं होते तो मैगनेट सिटी का दर्जा मिलने के बाद यह शहर देश और प्रदेश की राजधानी के बीच बड़ा केंद्र होता। नए कारखाने लगने के बजाय बरेली में तीन दशक से तमाम पुराने कारखाने बंद हो गए। रेल कोच फैक्ट्री दूसरे शहर में शिफ्ट हो गई। बरेली को आईटी में सिलीकॉन वैली होना चाहिए था। मगर, जिम्मेदार टेक्सटाइल और मेगाफूड पार्क तक नहीं बचा पाए। यह बरेली का दुर्भाग्य है। जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाई होती तो ब्रेन-ड्रेन नहीं होता। युवाओ को रोजगार के लिए शहर से बाहर न भागना पड़ता। उन्होने कहा कि अब हमें देश और बरेली के विकास के लिए नए सिरे से सोचना होगा। भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने अपील की कि राजनीति में रुचि रखने वाले युवा 2024 में बरेली से लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए आगे आएं। बुजुर्ग अपनी सीट छोड़कर युवाओं को लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दें क्योंकि बड़ी रेखा खींचने का उचित समय आ चुका है। युवा आगे बढ़ेंगे तभी भारत विश्व गुरु बनेगा। प्रेस वार्ता में मनीष अग्रवाल, उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया समेत कई भाजपा नेता मौजूद थे।
राजेश अग्रवाल बड़े नेता हैं, नो कमेंट : संतोष गंगवार
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद संतोष गंगवार ने भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल की प्रेस वार्ता पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के बड़े नेता हैं। उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह सब उचित है। उनकी बात पर टिप्पणी करना वह उचित नहीं समझते। मगर, बरेली के विकास के लिए अगर वह कोई सुझाव देंगे तो उनके सुझाव पर पूरी तरह अमल किया जाएगा।

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