महंगाई की मार का त्यौहार पर पड़ा असर, शांत पड़ा बाजार

लखनऊ सुपरफास्ट ब्यूरो बिजुआ खीरी।
रोशनी के पर्व दीपावली में अब सिर्फ कुछ दिनों का समय बचा है। बावजूद इसके बाजार में रौनक नहीं हैं। दुकानदार दीपावली पर बंपर सेल की उम्मीद कर रहे है। धनतेरस को लेकर बाजारों में बर्तन वाहनों के शो रूम, सजावटी सामान, मिठाई की दुकान, कपड़ों की दुकान, ज्वेलरी की दुकान से लेकर मिट्टी के दीये खिलौने आदि के दुकान सज गए हैं।
लेकिन बाजार में सन्नाटा छाया है।
कस्बे के पड़रिया तुला, बिजुआ में सजावटी सामान बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि वे सीजन और फेस्टिवल के हिसाब से बिजनेस करते हैं।
पिछले साल की अपेक्षा इस साल मार्केट में खरीदार नहीं आ रहे थे। बाजार में भीड़ तो है, मगर उस हिसाब से सेल नहीं हैं। दीपावली निकल गई और सामान नहीं बिका, तो फिर सालभर इंतजार करना पड़ेगा।
कुछ वर्ष पहले कोरोना संक्रमण और लाकडाउन ने आमदनी पर रोक लगाई, अब महंगाई का संक्रमण मुंह व पाकेट पर रोक लगा रहा है।
दुकानदारों ने बताया कि इस बार सजावट के लिए बाजार में कुछ खास नया आइटम नहीं आया है। दरवाजे पर लगाने वाली बनावटी फूलों की झालर पिछले साल जो 100 रुपये में उपलब्ध थी, वही इस साल 200 रुपये में मिल रही है। आर्टिफिशियल फ्लावर बंच (बनावटी फूलों का गुलदस्ता) की कीमत भी 150 से बढ़कर 200-250 तक पहुंच गई है। लाइटिंग पॉपके आइटम के दामों में भी इजाफा हुआ है। एलईडी लाइट पिछले साल 250 में रुपये उपलब्ध थे। इस साल वो 320 रुपये में मिल रहा है। कैंडल लाइट पिछले साल 200 रुपये में इस साल 300 रुपये में मिल रहा है।

दीपावली को लेकर बाजारों में सजी दुकानें

दीपावली को लेकर मिट्टी के दीपकों, बर्तनों व घर की सजावट के लिए कृत्रिम फूलों की लडियों, तोरण और इलेक्ट्रानिक आइटम में झालर आदि की दुकाने सज गई है। मिठाई की दुकानें भी सजी दिख रही है। सोना, चांदी की दुकानदारों ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस बार कई तरह की उपहार योजना चला रहे हैं। दीपावली से पहले ज्वेलरी दुकानों में सोने के कंगन, हार, चैन, झुमका, अंगूठी सहित विभिन्न वेरायटी के आभूषण उपलब्ध हैं। इसी तरह चांदी के सिक्कों के अलावा पायल, बिछिया, लक्ष्मी गणेश प्रतिमा, श्रीयंत्र वेरायटी हालमार्क के साथ उपलब्ध है। इसके अलावा चांदी में लक्ष्मी गणेश प्रतिमा की भी मांग है। दूसरी ओर इलेक्ट्रानिक की दुकानों पर टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी, डीवीडी, मिक्सर ग्राइंडर आदि उपलब्ध हैं। वहीं आटोमोबाइल, कम्प्यूटर, मोबाइल आदि के दुकानें सजी है।

आटोमोबाइल पर भी दिख रहा है महंगाई की मार

डीएस मोटर्स एजेंसी के मालिक राम जीत सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष धनतेरस में बिक्री ठंडी पड़ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धनतेरस में ऐसी स्थिति नहीं देखी जा रही है। धनतेरस पर गाड़ियों की बुकिग बहुत कम हो रही है।
महंगाई के कारण घरों को सजाना ख्वाब जैसा प्रतीत हो रहा है। बच्चों का मन रखने के लिए थोड़ी-बहुत खरीदारी कर संतोष कर लेंगे।
 ब्रजेश कुमार सिंह (खरीदार)
खाद्य मूल्यों में वृद्धि से घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। आवश्यक वस्तु में शामिल सरसों तेल, घी, रिफाइंड, दाल प्याज सहित रोजमर्रा की चीजों का दाम आसमान छू रहा है। हम मध्यमवर्गीय परिवार की माली हालत खस्ता है। बाजार में चारों ओर रंग-बिरंगी लाइट जली है। इसे देखकर ही संतोष कर लेंगे। इस महंगाई में किसी प्रकार त्योहार खुशी पूर्वक निकल जाए यह काफी है।
 इसरार (खरीदार)
बढ़ती महंगाई ने हम गरीबों की कमर तोड़ दी है। त्योहार मनाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। रसोई गैस, दाल, दूध के दाम पहले ही आसमान को छू रहे थे। अब हरी सब्जी ने तो नाक में दम कर दिया है। महंगाई के इस दौर में गुजर बसर और बच्चों को शिक्षा दिलाना गंभीर चुनौती है। ऐसे में खरीदारी करना मुश्किल है। बाजार में कुछ सस्ती चीज ढूंढ रहे हैं।
रामकिशोर (खरीदार)
बढ़ती महंगाई ने परेशान कर दिया है। हर चीज का दाम आसमान छू रहा है। रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है। आमदनी सीमित है लेकिन महंगाई दिन पर दिन बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों के दाम लगभग दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। हर चीज के दाम बढ़ने से त्योहार मनाने को लेकर भी सोचना पड़ रहा है।
राम सरन (खरीददार)

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