मुख्यमंत्री द्वारा ड्यूटी दौरान हादसे में मारे जाने वाले सैनिकों के परिवारों के लिए एक्स- ग्रेशिया ग्रांट शुरू करने की घोषणा

ड्यूटी दौरान दिव्यांग सैनिकों की एक्स-ग्रेशिया राशि दोगुनी होगी

पहले और दूसरे विश्व युद्ध के गैर पेंशनर पूर्व सैनिकों के लिए वित्तीय सहायता में बढोत्तरी

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट

मोहित कोछड़ 

अमृतसर-देश के बहादुर सैनिकों के सम्मान में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सैनिक की ड्यूटी दौरान किसी हादसे में मौत हो जाए (फिजिकल कैज़ुअलटी) होने पर परिवार के लिए एक्स-ग्रेशिया ग्रांट शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ड्यूटी दौरान दिव्यांग सैनिकों के लिए वित्तीय सहायता दोगुनी करने के साथ पहले तथा दूसरे विश्व युद्ध के नान-पेंशनर पूर्व सैनिकों की वित्तीय सहायता में बढ़ौतरी का भी ऐलान किया। 

आज यहां ‘पंजाब स्टेट वॅार हीरोज़ मेमोरियल एंड म्युजिय़म’ में कारगिल विजय दिवस मौके करवाए समागम में मुख्यमंत्री ने राज्य का नेतृत्व करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए बलिदान देने वाले कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की। 

जंग के नायकों को श्रद्धा के फूल भेंट करने के बाद अपने विचार सांझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों के बेमिसाल योगदान के सम्मान में राज्य सरकार ने अब रक्षा सेना में ड्यूटी दौरान सैनिक की किसी हादसो में ( युद्ध अप्रेशन के अतिरिक्त) मौत हो जाने पर परिवार के लिए 25 लाख रुपए एक्स- ग्रेशिया ग्रांट शुरू करने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी परन्तु उनकी सरकार ने यह प्रयास किया है क्योंकि यह बहादुर सैनिक भी ड्यूटी दौरान अपने जीवन का बलिदान देते है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने ड्यूटी दौरान दिव्यांग सैनिकों के लिए भी एक्स- ग्रेशिया राशि में बढोतरी की है। 

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 76 प्रतिशत से 100 प्रतिशत दिव्यांग हुए सैनिकों को अब 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए एक्स- ग्रेशिया मिलेगी, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत दिव्यांग हुए सैनिकों को 10 लाख रुपए की बजाय 20 लाख रुपए और 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत दिव्यांग हुए सैनिकों को 5 लाख रुपए की बजाय 10 लाख रुपए एक्स- ग्रेशिया राशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे विश्व युद्ध के नान-पेंशनर पूर्व सैनिकों और उनकी विधवा के लिए महीनावार वित्तीय सहायता 6000 रुपए से बढा कर 10000 रुपए कर दी है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार इन बहादुर सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है जिन्होंने देश की सेवा की। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह एक भावुकता वाला समागम है और पूरा देश इन शूरवीरों द्वारा दी महान बलिदान पर गौरव महसूस करता है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा को यकीनी बनाने के लिए सैनिक मौसम की खऱाबी के बावजूद अपनी ड्यूटी निभाते है। भगवंत मान ने कहा कि देश निवासी इन राष्ट्रीय नायकों की बहादुरी और देश प्रति निस्र्वाथ सेवा के लिए सदा ऋणी रहेंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने देश की ख़ातिर इन नायकों द्वारा दिए महान बलिदान के सम्मान के तौर पर शहीदों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए देने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता को बरकरार रखने के लिए इन सपूतों के कीमती योगदान के सम्मान में किया गया है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई को यकीनी बनाने की वचनबद्धता के अंतर्गत शहीदों के परिवारों को वित्तीय सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने याद करते कहा, ” कारगिल जंग दौरान वह एक कलाकार थे और इन राष्ट्रीय नायकों के साथ एकजुटता प्रकट करने के लिए मैंने एक चैरिटी शो भी करवाया था। यह चैरिटी शो पटियाला में करवाया गया था जिसमें कई अन्य कलाकारों ने भी हिस्सा लिया था। सेना के बहादुरी भरे कारनामों प्रति धन्यवाद प्रकट करते हुए इस शो का इक_ा हुआ सारा पैसा सेना के अधिकारियों को सौंपा गया था। “

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य की बस्ती होने के नाते हमारे देश ने बहुत दुख-तकलीफ़ें सहन की है परन्तु हमारे आज़ादी संग्राम के बहादुर और नायकों ने विदेशी साम्राज्यवाद की जंजीरों तोडऩे के लिए बड़े बलिदान दिए है। उन्होंने कहा कि यह बात रिकार्ड पर है कि जिन महान देश भक्तों ने अपनी जानें कुर्बान की या किसी न किसी रूप में अंग्रेज़ों के ज़ुल्म का शिकार हुए, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पंजाबी थे। भगवंत मान ने कहा कि शहीद- ए- आज़म भगत सिंह और कई अन्य योद्धाओं ने देश आज़ाद करवाने के लिए अपना ख़ून बहाया। 

मुख्यमंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि आज भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पंजाबी सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि जब भी भारत को अंदरूनी या बाहरी हमलो की चुनौती का सामना करना पड़ा तो पंजाबियों ने देश का नेतृत्व किया। भगवंत मान ने कहा कि यह बात भी छिपी नहीं कि राज्य के मेहनती किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्म- निर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई। 

मुख्यमंत्री ने देश की रक्षाओं के लिए सैनिकों की बहादुरी भरी गाथा को याद किया। उन्होंने कहा कि इस जंग में भारतीय फ़ौज ने कठिन प्रस्थितियों के बावजूद जिस तरह दिलेरी और साहस का सबूत दिया, उस की मिसाल दुनिया भर में शायद ही कोई और मिलती हो। भगवंत मान ने कहा कि हर देश निवासी इन शहीदों की महान बलि के लिए सदा ऋणी रहेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा, ” अमर जवान ज्योति तेल के साथ नहीं बल्कि शहीदां के ख़ून के साथ जलती है। तेल के साथ जगा दीया चाहे कुछ समय बाद रौशनी देना बंद कर देता है परन्तु शहीदों के तेल के साथ जले दीयेे हमेशा चमकते हैं। इन सैनिकों की शहादत सदियों तक हमारी नौजवान पीढ़ी को नि:स्वार्थ बलि के लिए प्रेरित करती है। “

इस मौके अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सभी का इस समागम में स्वागत किया और कारगिल के नायकों को श्रद्धांजली भेंट की। 

इससे पहले मुख्य मंत्री ने मातृ भूमि की रक्षा की ख़ातिर कुर्बान होने वाले महान शहीदों के सम्मान में उनको श्रद्धा के फूल भेंट किए। उन्होंने शहीदों के पारिवारिक सदस्यों को भी सम्मानित किया जिन्होंने इन नायकों की महान बलिदान को याद करने के लिए इस समागम में विशेष तौर पर शिरकत की। 

इस मौके कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल और हरभजन सिंह ई. टी. ओ भी उपस्थित थे।

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