मुख्यमंत्री द्वारा शहीद ऊधम सिंह, शहीद भगत सिंह और शहीद करतार सिंह सराभा को ‘भारत रत्न अवार्ड’ देने की ज़ोरदार वकालत

शहीदों को यह अवार्ड न देने के लिए कथित राष्ट्रवादी केंद्र सरकार पर साधा निशाना

केंद्र सरकार ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा कर शहीदों की महान विरासत को ठेस पहुंचायी

शहीद ऊधम सिंह को शहीदी दिवस पर श्रद्धा-सुमन भेंट किये

मोहित कोछड़ 

सुनाम (संगरूर)-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज शहीद ऊधम सिंह, शहीद भगत सिंह और शहीद करतार सिंह सराभा जैसे महान शहीदों को ‘भारत रत्न अवार्ड’ देने की वकालत की जिन्होंने अपने वतन की ख़ातिर अतुल्य बलिदान दिये। 

शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के मौके पर उनकी यादगार पर श्रद्धा-सुमन भेंट करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महान शहीदों को ‘भारत रत्न अवार्ड’ देने से अपितु इस अवार्ड का मान और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह शहीद ही इस अवार्ड के वास्तविक हकदार हैं क्योंकि उन्होंने अपने देश को विदेशी ताकतों की चंगुल में से आज़ाद करवाने के लिए महान बलिदान दिये हैं। भगवंत मान ने दुख के साथ कहा कि कथित राष्ट्रवादी केंद्र सरकार ने इन महान सपूतों का सम्मान करने की कभी भी परवाह नहीं की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उल्टा मौजूदा केंद्र सरकार मुल्क में लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा कर इन शहीदों की विरासत को ठेस पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि इन वतनप्रसतों ने देश की आज़ादी और लोकतंत्र की ख़ातिर अपनी जानें कुर्बान कर दीं थीं परन्तु बदकिस्मती से केंद्र सरकार आरडीनैंसों के द्वारा लोकतांत्रिक प्रणाली को खतरे में डाल रही है। भगवंत मान ने कहा कि यह कदम आज़ादी के संघर्ष के दौरान महान देश भगतों की तरफ से देश हेतु लिए सपनों के बिल्कुल उलट है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह द्वारा दिया महान बलिदान नौजवानों को देश की निःस्वार्थ सेवा के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा और ऐसे महान नायकों की बेमिसाल बलिदानों के कारण ही देश निवासी आज आज़ादी की गरिमा का आनंद महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह महान सपूत था, जिसने जलियांवाला बाग़ के संहार के मुख्य दोषी माइकल ओ डवायर को मार कर बहादुरी का सबूत दिया था। भगवंत मान ने कहा कि राष्ट्रीय आज़ादी संघर्ष में इस महान शहीद के बेमिसाल बलिदान ने देश को बर्तानवी साम्राज्यवाद की गुलामी से मुक्त होने में मदद की। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग़ में हुए संहार का बदला लेने के लिए 21 साल इंतज़ार किया और इस तरह देश की आज़ादी की नींव रखी। भगवंत मान ने कहा कि वह भारत के आज़ादी संग्राम के ऐसे महान शहीदों और देश भगतों के आगे श्रद्धा से सिर झुकाते हैं, जिन्होंने सूरबीरता दखाते देश की आज़ादी के लिए लामिसाल बलियों दीं। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदानों की अमीर विरासत हमारी आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देने के लिए प्रकाश स्तंभ का काम करेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लंदन से शहीद ऊधम सिंह का निजी समान वापस लाने के लिए सख्त यत्न करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन मसलों को सभी सम्बन्धित मंचों पर उठाएगी जिससे इस समान को जल्दी से जल्दी वापस लाया जा सके। भगवंत मान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में पड़ीं शहीद भगत सिंह से जुड़ी वस्तुओं को भी वापस लाया जायेगा। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और अन्य भी मौजूद थे। 

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