विश्व प्रसिद्ध केसरी हिंद राय बहादुर पदम श्री डा. मथुरा दास की मोगा में आर्य शिक्षण संस्थाओं की वसीयत सहित – अन्य कागजात गणमान्यों ने डा. मथुरा दास की पड़पौत्र वधू को सौंपे

 

डी. एम. कालेज मैनेजमैंट कमेटी में अदालत द्वारा एस.डी.एम. मोगा को रसीवर लगाने के आदेश जारी

डी.एम. कॉलेज में पड़े विद्यार्थी आई.ए.एस आई.पी.एस अधिकारी और कई राजनीति में विशेष भूमिका निभा रहे हैं

वरिष्ठ पत्रकार राजेश कोछड़

मोगा -केसरी हिंद राय बहादुर पदम श्री डा. मथुरा दास पाहवा द्वारा दानी सज्जनों के सहयोग से बनाई गई शिक्षा संस्थाओ डी.एम. कालेज, – डी. एम. कालेज आफ एजुकेशन, डी.एन. माडल स्कूल, एम.डी.ए.एस. हायर सीनियर सैकेंडरी स्कूल, डी.एम. कालजिएट स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के चल रहे झगड़े के कारण मामला डिप्टी कमिश्नर के पास पहुंचा तथा डिप्टी कमिश्नर द्वारा सभी पक्षों को बुलाने के बाद भी इसका हल न निकलने के कारण फरीदकोट अदालत में चल रहे एक मामले में दोनों मैनेजमेंट कमेटियों की हठधर्मी के कारण तथा इन शिक्षा संस्थाओं में कार्यरत अध्यापकों व मुलाजिमों को पिछले लंबे समय से वेतन न मिलने का मामला भी अदालत में जाने के बाद अदालत में इन डी.एम. कालेज मैनेजमेंट कमेटी के फाइनेंस के कार्यों के लिए मोगा एस.डी.एम को रसीवर लगाने के आदेश जारी हुए है। जिसके बाद अब इन शिक्षण संस्थाओं में काबिज कमेटियों का अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। गत दिवस पद्म श्री डा मथुरा दास पाहवा द्वारा बनाई गई शिक्षा संस्थानों में चल रहे झगड़े का मामला डा. मथुरा दास पाहवा की पड़पौत्र आनंदिता पाहवा मोगा पहुंचने पर उनको भी शहर के गणमान्यों ने मिलकर बताया तथा उन्हें डा. मथुरा दास पाहवा द्वारा की गई वसीयत व और कागजात भी सौंपे। जिसके बाद आनंदिता पाहवा ने गणमान्यों को कहा कि वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में इस संबंध में बातचीत करके तथा कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर आगे कदम उठाएंगे, ताकि डा. मथुरा दास पाहवा द्वारा बनाई गई शिक्षण संस्थानों को बचाकर मोगा इलाके के बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उनके भविष्य को उज्जवल बनाया जा सके। आर्य शिक्षा संस्थानों के चल रहे विवाद में डा. राय बहादुर मथुरा दास को शिक्षण संस्थानों को जमीन दान करने वाले, शिक्षण संस्थानों के निर्माण में सहयोग करने वाले परिवार अब आगे आ रहे हैं तथा उन्होंने शिक्षा संस्थाओंकि वह अपने स्वार्थ छोड़कर इन शिक्षा संस्थानों का कार्य चलाए, नहीं तो उन्हें आगे आकर कोई कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह मामला डिप्टी कमिश्नर व एस.एस.पी. के पास भी पहुंच चुका है। क्योंकि कुछ कमेटियों के पदाधिकारियों ने कागजों में टेंपर करके बैंकों में कागजात देने तथा अपनी सोसायटी बनाने के समय गलत एफीडेविट देकर इन शिक्षा संस्थाओं पर काबिज होने के मामले भी अब उजागर हो रहे हैं तथा यह मामले पुलिस के पास जा रहे हैं तथा खुफिया जानकारी मिली है कि कागज टेंपर करने तथा गलत एफीडेविट देने वालों पर जल्दी ही पुलिस कार्रवाई हो सकती है। गौरतलब है कि पद्म श्री राय बहादुर मथुरा दास पाहवा मोगा शहर की वह शख्सियत हुए हैं, जो कि आंखों के विश्व में प्रसिद्ध डाक्टर थे तथा उन्होंने लाखों ही लोगों के आपरेशन व इलाज करके लोगों को आंखों की रोशनी प्रदान की। इसके साथ ही वह एक समाज सेवी व महादानी भी थे तथा वह बतौर सिविल सर्जन पद से सेवामुक्त हुए थे। मोगा शहर व निवासी उनकी दी सेवाओं को कभी भूला नहीं सकेंगे। केसरी हिंद राय बहादुर पद्म श्री डॉक्टर मथुरा दास पाहवा जो लोगों की का इलाज करने थे और दानी सज्जनों को शिक्षा संस्थाएं बनाने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने वह शिक्षण संस्थाएं आर्य समाज से संबंधित बनाई, डी.एम.कालेज, एम.डी.ए.एस लड़के, आर्य गर्ल्स स्कूल जिनमें . स्कूल लड़‌कियां, डी. एम. कालेज आफ एजुकेशन शिक्षा संस्थाएं हैं। मोगा के जिला स्तरीय सिविल अस्पताल का निर्माण भी उन्होंने इसी प्रकार दानी सज्जनों की सहायता से करवाया। केसरी हिंद राय बहादुर पदम श्री डॉक्टर मथुरा दास पाहवा के द्वारा बनाई गई संस्थानों के साथ-साथ डी. एन. माडल स्कूल, आर्य स्कूल तथा डी. एम. कालजिएट भी चल रहे हैं। डा. मथुरा दास ने इन शिक्षण संस्थानों की रजिस्ट्रीयां आर्य प्रतिनिधि सभा जिसका उस समय मुख्य दफ्तर में था, उनके नाम करवाई, शिक्षण संस्थान बढ़िया ढंग सकें। उन्होंने इन शिक्षण शिक्षण अब माडल स्कूल पाहवा सारी पंजाब लाहौर ताकि यह से चल संस्थानों को चलाने के लिए एक मैनेजमेंट भी बनाई तथा वह खुद भीउसकी देखभाल करते थे। राय बहादुर डा. मथुरा दास आर्य समाज के फाउंडर होने के साथ-साथ वह महार्षि दयानंद सरस्वती को अपना गुरु मानते थे तथा उनका नाम भी संस्थाओं के साथ उन्होंने जोड़ा। इन शिक्षण संस्थाओं का काम वर्ष 1951, 1952 तक बढ़िया चलता रहा तथा यह शिक्षण संस्थान लगातार शिक्षा का प्रकाश बांटकर विद्यार्थियों के जीवन को उज्जवल बनाते रहे। केसरी हिंद राय बहादुर पद्मश्री डा. मथुरा दास के रहते कमेटी मैंबरों में खींचातानी तथा विवाद बढ़ने लगे। जिसके कारण उनको यह डर था कि यह शिक्षण संस्थान किसी गलत हाथों न चली जाए जिसके चलते उन्होंने 23 फरवरी 1965 को एक वसीयत करवा दी तथा एक संविधान भी बनाया। इस बनाए गए संविधान में सेक्शन 9 में लिखा गया कि यदि शिक्षण संस्थाओं की कमेटियों में कोई मतभेद हो जाए तो आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब इसकी मध्यसथा करके उस मतभेद को दूर कर सकती हैं। 1972 को डा. राय बहादुर मथुरा दास पाहवा के देहांत के बाद वरिंदर कुमार जो वीर प्रताप अखबार के चीफ एडीटर थे, उनको अध्यक्ष बनाया गया। 1992 में वरिंदर कुमार के देहांत के बाद 1992 से 1995 तक मैंबरों की आपसी खींचातानी में यह शिक्षा संस्थाओं का कार्य चलता रहा। जिसके बाद 13 मैंबर सत्यदेव सूद, सतपाल गुप्ता, ज्ञानमित्र सूद, सतपाल अग्रवाल, अमृतलाल अग्रवाल, डा. मदन लाल, प्रवीण कृष्ण, कृष्ण गोपाल, वैद्य तीर्थ राज, केवल कृष्ण पुरी, हरीश चन्द्र तथा दो मैंबर सभा द्वारा लिए गए। कभी सात किसी के साथ तथा कभी आठ किसी के साथ चलते रहे। जिसके बाद डी.एम. कालेज की मैनेजमेंट विवादों व झगड़े का शिकार हो गई तथा इनके यह विवाद अदालतों तक भी पहुंच गया तथा स्कूलों, कालेजों के अकाउंट भी समय-समय पर बंद होते रहे तथा फिर आपसी समझौते के बाद चलते रहे। स्कूलों, कालेजों के अकाउंट भी बैंकों के फ्रीज पड़े है तथा स्कूलों, कालेजों के अध्यापकों व अन्य वर्ग को वेतन तक भी मिलना मुश्किल हो गया।
बॉक्स में लगाना है

भारतीय जागृति मंच रजिस्टर्ड पंजाब मोगा लसमाजसेवियों व बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर इस समस्या के हाल के लिए जल्द मीटिंग करेगा

इस घटना पर जब भारतीय जागृति मंच रजिस्टर्ड पंजाब मोगा के मुख्य संस्थापक डॉक्टर दीपक कोछड़ से बात की तो उन्होंने कहा कि भारतीय जागृति मंच रजिस्टर्ड पंजाब मोगा केसरी हिंद राय बहादुर पदम श्री डॉक्टर मथुरा दास पाहवा मोगा के बाणी जिनको मोगा के लोग व उनके कई चहेते परिवारों के लोग उन्हें भूल गए थे । भारतीय जागृति रजिस्टर्ड पंजाब मोगा ने काफी समय पहले उनका डॉक्टर मथुरा दास सिविल अस्पताल का जो नाम लुप्त हो गया था उसको फिर से उसका नाम डॉक्टर मथुरा दास सिविल अस्पताल करवाया और उनकी प्रतिमा अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर स्थापित की थी उस समय मोगा शहर में एक ऐतिहासिक समारोह जिसमें कई आईएएस आईपीएस अधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए थे उन्होंने कहा कि इस संबंधी शहर कि लोगों ने हमसे संपर्क किया है और उनमें रोष पाया जा रहा है की जो डॉक्टर मथुरा दास राय बहादुर ने मोगा में शहर वासियों के लिए जो ऐतिहासिक काम किए थे उनके इन कामों पर स्वार्थी लोगों ने ग्रहण लगा दिया है मंच जल्दी ही समाजसेवियों व बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर इस समस्या के हाल के लिए जल्द मीटिंग करेगा कानून के दायरे में रहते हुए इस संघर्ष के लिए जल्द एक संघर्ष कमेटी बनाई जाएगी इस समस्या के हल के लिए कुछ भी करना पड़ेगा संघर्ष कमेटी पीछे नहीं हटेगी डॉक्टर कोछड़ ने कहा बहुत समय पहले आर्य मॉडल स्कूल के 51 विद्यार्थियों का भविष्य भी दाव पर लगा दिया था उसे वक्त भी अकेले ही संघर्ष करके 51 बच्चों का भविष्य जो अंधकार में चला गया था उनको बचाया था इसके अलावा भारतीय जागृति मंच रजिस्टर्ड पंजाब मोगा समय-समय पर शहर की धार्मिक सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने में हमेशा भूमिका निभाई है।

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