शिक्षा के क्षेत्र में नयी क्रांति की तरफ बढ़ रहा पंजाब – मुख्यमंत्री

72 प्रिंसिपलों के तीसरे और चौथे बैच को सिंगापुर किया रवाना

प्रिंसिपलों का सिंगापुर दौरा शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने के लिए मील पत्थर साबित होगा

ऐसे प्रयास राज्य की शिक्षा प्रणाली को फिर सुरजीत करने में सहायक होंगे

मोहित कोछड़ 
चंडीगढ़-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मानक शिक्षा मुहैया करवाने के लिए पंजाब नयी शिक्षा क्रांति की तरफ बड़े कदम उठा रहा है।
आज यहां से 72 प्रिंसिपलों के तीसरे और चौथे बैच को ’सिंगापुर प्रिंसीपलज़ ट्रेनिंग अकैडमी’ के लिए रवाना करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को मानक शिक्षा देने की उनकी तरफ से दी गारंटी के मुताबिक इन प्रिंसिपलों को सिंगापुर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन 72 प्रिंसिपलों में से 92-93 प्रतिशत प्रिंसिपल पहली बार विदेश जा रहे हैं जिससे उनका दौरा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए मील पत्थर साबित होगा। भगवंत मान ने कहा कि इसका मनोरथ यह यकीनी बनाना है कि राज्य के विद्यार्थी पंजाब में विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकें, जिससे वह अपने कान्वेंट स्कूलों में पढ़े रहे साथियों का मुकाबला कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी तबदीलियाँ देखने को मिल रही हैं, जहाँ प्रिंसिपलों और अध्यापकों को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है और विद्यार्थी इसरो में चन्दरयान-3 जैसे शानदार मौकों के गवाह बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘ स्कूल आफ एमिनेंस’ बच्चों के सर्वांगीण विकास को यकीनी बनाने के लिए शैक्षिक और सिलेबस से बाहरी गतिविधियों केंद्र के तौर पर उभरा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य में विदेश जा रहे नौजवानों के रुझान को ख़त्म करना और नौजवानों की असंख्य ऊर्जा को सकारात्मक दिशा की तरफ ले जाना है। भगवंत मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब राज्य के विद्यार्थी हर क्षेत्र में उपलब्ध्यिं हासिल करेंगे और राज्य का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के क्षेत्र में नौजवानों को बढ़िया कोच और शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापक मुहैया करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मनोरथ हर क्षेत्र में नौजवानों के सर्वांगीण विकास को यकीनी बनाना है जिससे वह इन क्षेत्रों में नयी बुलन्दियों को हासिल कर सकें। भगवंत मान ने कहा कि राज्य के नौजवानों में अथाह क्षमता है और यदि उनको सही मार्गदर्शन किया जाये तो वह किसी भी क्षेत्र में जीत हासिल कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद ज़ाहिर की कि ट्रेनिंग के दौरान इन प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रचलित आधुनिक अध्यापन महारत से लैस किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वापसी के बाद यह प्रिंसिपल विद्यार्थियों और अपने सहयोगियों के साथ तजुर्बा सांझा करेंगे जिससे अध्यापक विद्यार्थियों को नये युग की शिक्षा संबंधी अवगत करवा सकें। भगवंत मान ने उम्मीद के साथ कहा कि इससे राज्य के विद्यार्थी विदेशों में पढ़े अपने साथियों का मुकाबला करने के योग्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नवीन पहल है जो विद्यार्थियों की भलाई के लिए राज्य की समूची शिक्षा प्रणाली को फिर सुरजीत करेगी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है क्योंकि यह प्रिंसिपल आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के दूत के तौर पर काम करेंगे। भगवंत मान ने उम्मीद ज़ाहिर की कि इससे विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा मिलने से राज्य की शिक्षा प्रणाली में अपेक्षित गुणात्मक बदलाव आयेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापकों का पहला बैच फरवरी में ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर गया था जबकि दूसरे बैच ने मार्च में सिंगापुर का दौरा किया था। उन्होंने बताया कि सिंगापुर में पाँच दिनों की ट्रेनिंग के बाद प्रिंसिपल का तीसरा और चौथा बैच 29 जुलाई को देश लौट आऐगा। भगवंत मान ने बताया कि इन प्रिंसिपलों से ट्रेनिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन माँगे गये थे और इनका चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को मुकाबले की परीक्षाओं के लिए ट्रेनिंग देने के लिए आठ अत्याधुनिक सैंटर खोल रही है। भगवंत मान ने कहा कि यह केंद्र नौजवानों को यू. पी. एस. सी. की परीक्षा के पास करने और राज्य और देश में अहम पदों पर सेवा निभाने के लिए मानक ट्रेनिंग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य नौजवानों को उच्च पदों पर बैठ कर देश की सेवा करना यकीनी बनाना है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य भी मौजूद थे।

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