साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, गौरा शक्ति मॉड्यूल व आपातकालीन नम्बरों के सम्बन्ध में किया गया जागरुक

दीपक गुप्ता

रुद्रप्रयाग। राजस्व क्षेत्र से नियमित रेगुलर पुलिस मे सम्मिलित हुए ग्राम सभा भुनका व ग्राम सभा पोखरी में चौकी घोलतीर द्वारा पुलिस की कार्य प्रणाली, साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, गौरा शक्ति मॉड्यूल व आपातकालीन नम्बरों के सम्बन्ध में किया गया जागरुक* जनपद रुद्रप्रयाग में प्रचलित चारधाम यात्रा के साथ-साथ आम जनमानस के बीच पहुंचकर जागरुकता बढ़ाये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में चौकी घोलतीर पुलिस द्वारा प्रचलित वर्ष की शुरुआत में राजस्व पुलिस से नियमित पुलिस क्षेत्र में सम्मिलित हुए ग्राम सभा भुनका व ग्राम सभा पोखरी के जनमानस के बीच पहुंचकर पुलिस द्वारा चौकी घोलतीर से उप निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह व आरक्षी संजीव कुमार द्वारा ग्रामीणों को पुलिस की कार्य प्रणाली, साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, उत्तराखण्ड पुलिस एप के अन्तर्गत गौरा शक्ति मॉड्यूल तथा आपातकालीन हैल्प नम्बर 112 के बारे में जानकारी दी गयी। लोगों को अवगत कराया गया कि आज के समय में साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से हर प्रकार के नागरिकों को ठग रहे हैं। इनका ऐसा प्रभाव हैं कि अपने को बहुत पढ़ा-लिखा व जानकार समझने वाला व्यक्ति भी किसी न किसी प्रकार से इनके झांसे में आ रहा है। कई बार लोग अपनी खुद की सामाजिक प्रतिष्ठा व लोक लाज के चलते अपनी शिकायत नहीं कर पाते हैं। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि साइबर ठगी हो जाने पर तुरन्त 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर अवश्य जायें। साइबर ठगी की शिकायत पर जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी शिकायत करें। एक बार गलती होने पर दुबारा ये गलती बिल्कुल भी न करें कि आप शिकायत ही न करें। साइबर ठगी के कई प्रकार जैसे कि स्कैनर के जरिये ठगी, फेसबुक, व्हट्सएप क्लोनिंग, अनजान लिंक, ऑनलाइन शॉपिंग व अन्य लुभावने ऑफरों के जरिये ठगी की जा सकती है। इनसे बचने का उपाय आपकी जागरुकता है। इसके अतिरिक्त अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दिये जाने, उनको केवल जरूरी कार्य के लिए ही फोन दिये जाने, उनके फोन देखने पर नियंत्रण करने जैसी बातों की जानकारी दी गयी। आजकल के युवा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रील्स आदि बनाने के नाम पर मोटर वाहन या अन्य किसी भी प्रकार से ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जो न केवल उनके लिए जानलेवा बल्कि औरो के लिए भी घातक सिद्ध हो सकते हैं, ऐसी गतिविधियों पर अपने स्तर से अंकुश लगवाये जाने का अनुरोध किया गया। नशे के दुष्प्रभावों व बच्चों के व्यवहार परिवर्तन के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी। उत्तराखण्ड पुलिस एप के अन्तर्गत महिलाओं के लिए बने गौरा शक्ति मॉड्यूल के बारे मे जानकारी देकर उत्तराखण्ड पुलिस ऐप डाउनलोड कर गौरा शक्ति मॉड्यूल में पंजीकरण किये जाने हेतु बताया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों द्वारा पुलिस का आभार प्रकट कर आवश्यक पुलिस सहयोग प्रदान करने की बात कही गयी।

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