हवायें अपनी दिशा बना लेती हैं:

मनोवैज्ञानिक से सलाह ले लीजिए,
अपने मन का बोझ उतार दीजिये,
ज़िंदगी खुश रहकर गुज़ार लीजिये,
इधर उधर न देख सीधी तरफ़ देखिये।

मुश्किलें इतनी बड़ी भी नहीं होती हैं,
जितना हम सोच सोच बना लेते हैं,
सदा याद रखिये कि परमात्मा हर एक
मुश्किल आसान कर दिया करते हैं।

याद रखिये जो आज शिक्षक है,
वह भी कभी शिक्षार्थी रहा होगा,
जो आज विजयमाला चूम रहा है,
हार का दुख कभी उसने सहा होगा।

विशेषज्ञ बनने के लिये शुरुआत
हर किसी को भी करनी पड़ती है,
जीवन में हर शख़्स को जीने की
कला व तरकीब सीखनी पड़ती है।

वक्त किसी का इंतज़ार नहीं करता,
हवायें अपनी दिशा ख़ुद बना लेती हैं,
आदित्य ये तो हम पर निर्भर होता है,
वक्त, हवा कैसे अपने हक़ में करते हैं।

कर्नल आदि शंकर मिश्र, आदित्य
लखनऊ – 22 जून 2023

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